मन की बात 131: AI, अंगदान और डिजिटल सुरक्षा पर पीएम मोदी का संदेश
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Mann Ki Baat 131: PM Modi Address
AI समिट में भारत की तकनीकी शक्ति पर जोर.
अंगदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताया.
डिजिटल ठगी से बचाव के लिए जागरूकता संदेश.
Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह 11 बजे ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस बार का कार्यक्रम सिर्फ संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला संदेश भी लेकर आया। टेक्नोलॉजी, संवेदनशीलता और नागरिक जिम्मेदारी—इन तीन आयामों के जरिए पीएम मोदी ने नए भारत की सोच को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि भारत आज AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में आयोजित AI समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि दुनिया अब भारत की तकनीकी क्षमता को गंभीरता से देख रही है। बड़े वैश्विक नेता और टेक कंपनियों के सीईओ भारत की पहल में रुचि ले रहे हैं।
AI: खेती और पशुपालन तक पहुंची तकनीक
पीएम मोदी ने बताया कि AI अब केवल कंप्यूटर या लैब तक सीमित नहीं है। यह खेती, पशुपालन और स्वास्थ्य सेवाओं में भी बदलाव ला रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे किसान 24×7 AI आधारित सिस्टम से अपनी डेयरी और पशुओं की निगरानी कर रहे हैं। इससे उत्पादन बढ़ रहा है और लागत कम हो रही है। उन्होंने युवाओं से टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को अपनाने का आह्वान किया।
अंगदान: मानवता का सबसे बड़ा दान
कार्यक्रम का भावनात्मक पक्ष अंगदान की प्रेरक कहानियों से जुड़ा रहा। पीएम मोदी ने केरल की मासूम एलिन शेरिन अब्राहम का उल्लेख किया, जिनकी मृत्यु के बाद उनके अंगों ने कई लोगों को नया जीवन दिया। उन्होंने दिल्ली की लक्ष्मी देवी की कहानी भी साझा की, जिन्होंने कठिन हालात के बावजूद सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंगदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक नेक निर्णय कई परिवारों की जिंदगी बदल सकता है।
डिजिटल ठगी से सावधान रहने की अपील
पीएम मोदी ने डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सुविधा के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। नागरिकों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक या खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डराने वालों से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
सांस्कृतिक विरासत और प्रेरणाएं
कार्यक्रम में उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनकल्याण कार्यों को याद किया। साथ ही, मामंगम परंपरा के पुनर्जीवन की चर्चा करते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने ‘पंच-प्राण’ और भारतीय संस्कृति की मूल भावना को दोहराते हुए कहा कि आधुनिकता और परंपरा का संतुलन ही नए भारत की असली पहचान है।
इस एपिसोड का सार यही रहा कि AI से आधुनिकता, अंगदान से संवेदनशीलता और डिजिटल जागरूकता से सुरक्षा—ये तीनों मिलकर भारत को विकास और मूल्यों के संतुलित मार्ग पर आगे बढ़ा रहे हैं।